नेतरहाट

रांची से 144 किमी की दूरी पर बसा नेतरहाट को बीच झारखंड की मसूरी के रूप में भी जाना जाता है। आप सभी ने पहाड़ों की खूबसूरती ज्यादातर उत्तराखंड या हिमाचल प्रदेश में देखी होगी। पहाड़ी इलाकों का नाम लेते ही केवल शिमला मनाली ही याद आते हैं। लेकिन हम आप को बताना चाहेंगे कि पहाड़ की सुंदरता आपको केवल यहीं नहीं बल्कि झारखंड में इससे ज्यादा देखने को मिलेगी।

नेतरहाट में आदिवासियों की संख्या ज्यादा है और इसके अधिकतर हिस्से में घने जंगल का फैलाव है। इस घने जंगल में आपको साल, सागवान, सखुआ और बांस के पेड़ ज्यादा मिलेंगे। यहां की जो भाषा है उसमें नेतरहाट का मतलब होता है बांस का बाजार। बांस के पेड़ के बारे में तो आप जानते ही होंगे यह लंबे खुशबूदार पेड़ होते हैं। कहते हैं कि इस जगह को प्रकृति ने बहुत ही खूबसूरत ढंग से संवारा है। समुद्र तल से 3,622 फीट ऊंचाई पर स्थित नेतरहाट का मौसम सालभर खुशनुमा रहता है। इसे प्रकृति का अनमोल तोहफा कहा जाता है, यही वजह है इस अनुपम स्थल को निहारने के लिए पर्यटक यहां खिंचे चले आते हैं। आने वाले पर्यटक प्रकृति के इस खूबसूरत स्थल को ‘नेचर हाट’ भी कहते हैं।

सनराइज प्वाइंट

 

अगर आपको उगते सूरज का आकर्षक नजारा देखना हो तो नेतरहाट से खूबसूरत जगह और यहां आपको कहीं नहीं मिलेगी। सूर्योदय के दौरान इंद्रधनुषी छटा को देखकर ऐसा लगता है कि हरी वादियों से एक रक्ताभ गोला धीरे-धीरे ऊपर उठ रहा है। इस क्षण प्रकृति का कण-कण सप्तरंगी हो जाता है और पर्यटक इस दृश्य को देखकर सहसा कह उठते हैं- अद्भुत!

मंगोलिया प्वाइंट

sunset

नेतरहाट से करीबन 10 किमी की दूरी स्थित मंगोलिया पॉइंट से डूबते सूरज को देखना काफी दिलचस्प होता है..खूबसूरत दृश्य को देख पर्यटको के मन में अपनी अमिट छाप छोड़ देता ह।

निचली घाघरी झरना

यहां से 10 किमी की दूरी पर घने जंगलों के बीच से गुजरती इस झरने की सुन्‍दरता देखते ही बनती है। 32 फीट की उंचाई से गिरते हुए इस झरने को देखने हजारों की संख्‍या पर्यटक गर्मी के दिनों में यहां आते है। यहां के आस-पास केजंगल इतने घने है कि सूर्य की किरणें भी इसको पार नही कर पाती है।

ऊपरी घाघरी झरना

नेतरहाट से 4 किमी दूर यह जगह प्रसिद्ध पिकनिक स्‍थल के रूप में जाना जाता है। यहां की प्राकृतिक सुन्‍दरता के बीच पिकनिक मनाने का अपना अलग ही मजा है।

नेतरहाट आवासीय विद्यालय

netrahat vidyalay

पर्यटक यहां का प्रसिद्ध नेतरहाट आवासीय विद्यालय भी देखने आते हैं। इस विद्यालय की स्थापना इंडियन पब्लिक स्कूल कान्फ्रेंस के संस्थापक सदस्य एफ .जे. पायर्स ने वर्ष 1951 में किया था। यह विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विख्यात है।

कैसे पहुंचे

वायुयान

निकटतम हवाई अड्डा रांची (156 किलोमीटर) इंडियन एयरलाइंस के विमान के साथ मुंबई, पटना, कोलकाता और नई दिल्ली से जुड़ा हुआ है |

रेल

निकटतम रेलवे स्टेशन रांची 146 किलोमीटर रांची रेलवे स्‍टेशन से टैक्‍सी द्वारा यहां जाया जा सकता है।रांची स्टेशन से हर सुविधा उपलब्ध है।

सड़क

रांची से नेतरहाट के लिए प्रतिदिन बस सुविधा उपलब्ध है |रांची से रोजाना नेतरहाट के बस सेवा उपलब्‍ध है।

अगर पोस्ट अच्छा लगे तो कमेंट करे।

2 comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *